Monday, February 22, 2021

ख्वाहिशो का बज़ार ...

 

अक्सर खाली हाथ आया हु भरे बज़ार से...

कभी खवाहीश नही होती, कभी पैसे नही होते ...!!




खुशीयो का बज़ार अक्सर रंगीन होता है,

लाखो खवाहीशे मर मिटटी है इस बज़ार मै..

गमो को बदलने का सौदा बदी जोर सौर से चलता है यहा !!


बेहराल ..!!


सिर्फ एक खवाहीश है ये ...

ज़िंदगी की खुशीया तो छोटे छोटे लम्हो मे ही हैं .!!

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मोम सा इश्क !!